सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने T20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को मात देकर ये बड़ा खिताब जीता। सूर्या ने T20 क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर मार्च 2021 में टीम इंडिया की ओर से T20I में डेब्यू किया था। उनका डेब्यू शानदार रहा और कुछ ही महीनों में वह ODI और टेस्ट डेब्यू करने में भी कामयाब रहे। हालांकि, उन्हें T20I जैसी सफलता ODI और टेस्ट में नहीं मिल पाई और वह जल्द ही दोनों टीमों से बाहर हो गए।
सूर्यकुमार टीम इंडिया के लिए अब सिर्फ एक फॉर्मेट खेलते हैं। उन्होंने लंबे समय से ODI और टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि, सूर्या अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेलने की ख्वाहिश रखते हैं। भारतीय T20I कप्तान ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए उत्सुक हैं। सूर्या ने बताया कि ODI उनका फेवरेट फॉर्मेट नहीं है, लेकिन उनकी ताकत T20 क्रिकेट है, क्योंकि उसमें उनका हाथ सेट है।
सूर्यकुमार ने PTI के साथ एक खास पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा कि वह क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में खेलने में पूरी तरह सहज महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी आपकी किस्मत में लिखा होता है, वही मिलता है। उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट से शुरुआत की थी। 10-12 साल रणजी ट्रॉफी खेला था। उन्होंने बंबई में लंबे समय तक रेड बॉल क्रिकेट खेला।
उन्होंने कहा कि आप रेड बॉल से ही शुरू करते हैं, इसलिए सब कुछ रेड बॉल के आस-पास ही होता है। लेकिन धीरे-धीरे, जब उन्होंने व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो झुकाव थोड़ा उस तरफ हो गया। उसके बाद वह T20 फॉर्मेट खेलने लगे। उन्होंने ODI क्रिकेट में भी अच्छा खेलने की बहुत कोशिश की, लेकिन वहां कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि T20 में जैसा चल रहा था, उसमें अपना हाथ सेट हो गया है, ऐसा आप कह सकते हैं।
जब सूर्या से पूछा गया कि अगर मौका मिले, तो क्या वह टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेंगे? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि 2010-11 से 2020 तक रेड बॉल क्रिकेट खेला है। तो, रेड बॉल खेलने के लिए 10 साल का समय काफी लंबा होता है और उन्हें उस फॉर्मेट से बहुत प्यार था। लेकिन हां, अगर मौका मिले, तो टेस्ट कौन नहीं खेलना चाहेगा।
गौरतलब है कि सूर्यकुमार यादव के नाम सिर्फ एक टेस्ट मैच दर्ज है। उन्होंने साल 2023 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था, लेकिन बुरी तरह फ्लॉप रहे। उसी साल वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI वर्ल्ड कप के फाइनल में भी खेले, लेकिन कुछ खास नहीं कर सके। उसके बाद से ही वह टीम इंडिया की टेस्ट और ODI टीम से बाहर हैं।
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